Benefits of walking

एमहस्र्ट (अमेरिका), एएनआइ : वैसे तो पैदल चलने को एक सामान्य व्यायाम बताया गया है और उसके कई फायदे भी बताए जाते रहे हैं। अब यूनिवर्सिटी ऑफ  मैसाचुसेट्स एमहस्र्ट (University of Massachusetts Amherst) के शोधकर्ताओं की अगुआई वाली एक टीम ने एक विश्लेषणात्मक अध्ययन (analytical study) में पाया है कि पैदल चलने से प्रीमैच्योर डेथ का जोखिम भी कम होता है। यह अध्ययन लैंसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल (Lancet Public Health Journal) में प्रकाशित किया गया है।

यह विश्लेषण सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए शारीरिक गतिविधियों के फायदे को साक्ष्य आधारित संदेश देने के लिए किया गया। जापानी पेडोमीटर के विज्ञापन में अच्छे स्वास्थ्य के लिए रोजाना 10 हजार कदम चलने की सिफारिश की जाती रही है, लेकिन उसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं था।

अब खासतौर पर बताया गया है कि 60 साल या इससे अधिक उम्र के बुजुर्गो में प्रीमैच्योर डेथ टालने के लिए रोजाना छह हजार से आठ हजार कदम चलना पर्याप्त है। मतलब, यह कि इससे अधिक पैदल चलने से कोई अतिरिक्त फायदा नहीं मिलता है। जबकि 60 साल से कम उम्र वर्ग वाले लोगों के लिए आठ हजार से 10 हजार कदम रोजाना चलना प्रीमैच्योर डेथ के जोखिम को कम करता है। जोखिम का यह कम स्तर इतने ही कदम तक एक तरह से स्थिर हो जाता है। इस प्रकार देखा गया कि कदमों की बढ़ती संख्या एक स्तर पर जाकर जोखिम कम करने को स्थिर कर देती है। शोधकर्ता अमांडा पालुच (Amanda Paluch) ने बताया कि कदमों की संख्या विभिन्न उम्र वर्ग के लिए अलग-अलग हैं। दिलचस्प यह कि पैदल चलने की गति से कदमों की संख्या का कोई संबंध नहीं पाया गया। मतलब, यह कि आप कितना तेज चले या धीमे चले, उससे ज्यादा अहम है कि आप कितने कदम चले। या यह भी कि तेज या धीमी चाल से नहीं, बल्कि कदमों की संख्या से मौत का जोखिम कम होता है।

सांकेतिक तस्वीर

उल्लेखनीय है कि 2018 में अमेरिकियों के लिए संशोधित किए गए फिजिकल एक्टिविटी गाइडलाइंस में वयस्कों को प्रति सप्ताह 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाले एरोबिक फिजिकल एक्टिविटी की सलाह दी गई थी। पलुच उन शोधकर्ताओं में शामिल थे, जिन्होंने साक्ष्य आधारित ऐसी फिजिकल एक्टिविटी करने सिफारिश करने में मदद की थी, जो सामान्य हो और आसानी से की जाने वाली गतिविधि हो। इसमें पैदल चलना एक अच्छी फिजिकल एक्टिविटी है। इसे ट्रैक करना भी काफी आसान है और इसमें कई फिटनेस ट्रैकिंग डिवाइस भी मददगार हो सकते हैं।

शोध टीम ने 15 अध्ययनों के साक्ष्यों को मिलाकर 18 साल से ऊपर के लोगों पर रोजाना पैदल चलने के प्रभाव की पड़ताल की। इसके लिए करीब 50 हजार प्रतिभागियों को उनकी उम्र और रोजाना पैदल चलने के आधार पर चार वर्गो में बांटा। इसमें औसतन 3,500 कदम चलने वाला सबसे कम चलने वाला वर्ग था। दूसरा वर्ग 5,800 कदम, तीसरा 7,800 कदम और चौथा 10,900 कदम औसतन रोजाना चलने वाला ग्रुप था। पाया गया कि तीन ज्यादा कदम चलने वाले वर्गो में मौत का जोखिम न्यूनतम चलने वालों की तुलना में 40-53 प्रतिशत कम था। इसमें अहम बात यह देखने में आई कि न्यूनतम कदम चलने वाले ग्रुप के लोग थोड़ा-सा इजाफा करके अच्छा फायदा पा सकते हैं।

स्रोत: https://www.umass.edu/news/article/meta-analysis-15-studies-reports-new-findings-how-many-daily-walking-steps-needed

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