अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ‘ईसा’ के पारस्परिक सहयोगी अंतरिक्ष अभियान के तहत हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन (हब्बल स्पेस टेलीस्कोप) को 1990 में अंतरिक्ष में प्रक्षेपित (लॉन्च) किया गया था और तब से लेकर अब तक इसने तमाम तकनीकी अड़चनों के बावजूद इन 31 सालों में ब्रह्मांड के कई रहस्यों से पर्दा उठाया है। सौरमंडल के पार के अंतरिक्ष के बारे में अधिकतर जानकारी हमें हब्बल दूरबीन से ही मिली है। जिस अंतरिक्ष दूरबीन ने खगोल विज्ञान के विकास में सबसे ज्यादा योगदान दिया, जिसने दुनिया का ध्यान सबसे ज्यादा आकर्षित किया और सुर्खियां बटोरीं, वह निश्चित रूप से ‘हब्बल टेलीस्कोप’ है।

अब तक अपने 31 साल के कार्यकाल में हब्बल दूरबीन ने ब्रह्मांड की कुछ सबसे बेहतरीन तस्वीरों को अपने कैमरे में कैद किया है और पृथ्वी पर भेजा है। इन तस्वीरों के जरिए वैज्ञानिक ब्रह्मांड और खगोलीय पिंडों (ग्रहों, तारों, आकाशगंगाओं आदि) के बारे में एक बेहतर समझ अख़्तियार कर पा रहे हैं। हब्बल स्पेस टेलीस्कोप द्वारा ली गई सबसे चर्चित तस्वीरों में से एक है: ‘हब्बल अल्ट्रा डीप फील्ड इमेज’। हबल अल्ट्रा डीप फील्ड की इस तस्वीर में करीब 10 हजार आकाशगंगाएं मौजूद हैं, जो पृथ्वी से तकरीबन 10 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।

दरअसल, जब हम अंतरिक्ष की ओर देखते हैं, तो हम समय में पीछे मुड़कर देख रहे होते हैं। ब्रह्मांड की सबसे दूर की वस्तुओं से हम तक पहुँचने वाला प्रकाश वह प्रकाश है जो अरबों साल पहले उन वस्तुओं से निकले थे। हम उन वस्तुओं को वैसे नहीं देखते जैसे कि वे वर्तमान में हैं, बल्कि हम उनके अतीत को देख रहे होते हैं। लिहाजा टेलीस्कोप काल-यंत्र (टाइम मशीन) की तरह काम करते हैं!

सांकेतिक तस्वीर: हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन

1995 में हब्बल टेलीस्कोप ने पूरे 10 दिनों तक सप्तऋषि तारामंडल के आसपास के एक छोटे और लगभग खाली हिस्से का अवलोकन किया। टेलीस्कोप ने अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रकाश इकट्ठा किया और एकत्रित प्रकाश से धीरे-धीरे एक तस्वीर बनाया जिसका नाम पड़ा-हब्बल डीप फील्ड। इसके बाद 2014 में, खगोलशास्त्रियों ने हब्बल द्वारा लिए गए ब्रह्मांड की सबसे रंगीन और व्यापक तस्वीरों को एकत्रित किया। इससे हब्बल के जरिए ब्रह्मांड का अवलोकन और अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों ने विकसित ब्रह्मांड की सबसे व्यापक तस्वीरों को निर्मित किया। इन सभी तस्वीरों को इकट्ठा करने के बाद परिणामी क्षवि 841 कक्षाओं (ओर्बिट्स) से बना, जिसमें लगभग 10 हजार आकाशगंगाएं मौजूद हैं, जो पृथ्वी से 10 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित हैं। इसी परिणामी क्षवि को हबल अल्ट्रा डीप फील्ड नाम दिया गया।

हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन का नाम अमेरिकी खगोलशास्त्री एडविन पोवेल हब्बल के सम्मान में रखा गया है। ब्रह्मांड का तेजी से विस्तार हो रहा है, एडविन हब्बल यह पता लगाने वाले पहले व्यक्ति थे। हब्बल की कक्षा या ऑर्बिट लगातार छोटी हो रही है और ऐसी संभावना है कि यह दूरबीन 2024 में पृथ्वी के वायुमंडल में वापस आ कर जल जाए। लेकिन इसका स्थान लेने के लिए इसका उत्तराधिकारी पहले से ही तैयार है। जिसका नाम है- जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप और इसे नवंबर/दिसंबर 2021 में ही प्रक्षेपित किया जाना है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इसकी मदद से उन आकाशगंगाओं को भी देखने में मदद मिल सकती है जो कि ब्रह्मांड की उत्पत्ति के साथ ही बनी थीं। निश्चित रूप से जेम्स वेब भी हब्बल की भांति ब्रह्मांड की अत्यंत दुर्लभ विहंगम तस्वीरें अपने कैमरे में कैद करेगा और ब्रह्मांड के रहस्यों से पर्दा उठाएगा।

स्रोत: ब्रह्मांड के रहस्यों से दो-चार होने की नई तैयारी, प्रदीप, न्यूज 18 हिंदी

Editor, the Credible Science Pradeep's name is definitely included in the science communicators who have made their mark rapidly in the last 8-9 years. Pradeep is writing regularly in the country's leading newspapers and magazines on various subjects of science.

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One reply on “एक ही तस्वीर में 10 हजार आकाशगंगाएं!”

  • Faizan Ali
    March 18, 2022 at 4:02 am

    यह तो केवल अंतरिक्ष के छोटे से भाग की तस्वीर है पर इससे हमें इस बात से अहसास हो जाता है कि ब्रह्मांड कितना बड़ा है ।